विकास दुबे का एनकाउंटर : गैंगस्टर हत्याकांड की योजना, शीर्ष योजनाएं और राजनीतिज्ञ के साथ सहमति से जुड़ी कड़ी – updaed 24

विकास दुबे का एनकाउंटर LIVE अपडेट: आतंकवादी गैंगस्टर विकास दुबे, कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या किया था, उस मुठभेड़ में मारा गया जब उसने मौखिक तौर पर भागने की कोशिश की, जब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक काफिले ने उसे कानपुर से उज्जैन ले जा रहा था। उज्जैन, उत्तर प्रदेश।
विकाश दुबे का मरा हुआ शरीर, विकाश दुबे का लाश, updated 24 news
हिस्ट्रीसूटर, विकाश दुबे अपने बिकारू गाँव के घर के बाहर पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले का आरोपी था।  तीर्थ नगरी उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर गुरुवार को प्रसादम खरीदने और तीर्थयात्रियों को प्रवेश टिकट देने के बाद छह दिनों के लिए गिरफ्तार किया गया था। खोज अभियान।
उसकी गिरफ्तारी की सूचना के लिए 5 लाख रुपये का इनाम, गैंगस्टर पिछले शुक्रवार रात से चला रहा था जब कानपुर के चौबेपुर इलाके में बीकरू गांव में उसके घर से उसे गिरफ्तार करने गई एक पुलिस पार्टी ने उस पर घात लगाकर हमला किया। समूह को छतों से गोलियों की बौछार में पकड़ा गया, जिसमें एक उप-अधीक्षक सहित आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि वह अपने जीवनकाल के दौरान कुछ 60 आपराधिक मामलों में मुख्य आरोपी रहा है, जिसमें हत्याएं भी शामिल हैं। उन पर 20 साल पहले एक पुलिस थाने में भाजपा विधायक की हत्या का आरोप था लेकिन सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
नेक्सस आरोपों पर प्रियंका गांधी | कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने विकास दुबे की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा – “अपराधी मर चुका है, लेकिन उन लोगों के बारे में क्या है जिन्होंने अपराधी की सहायता की है?”

अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 10, 2020
नेक्सस आरोपों पर दिग्विजय सिंह | कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने विकास दुबे की मौत पर प्रतिक्रिया दी – “वास्तव में हम जिस पर संदेह कर रहे थे, वह अब हुआ है। विकास दुबे से जुड़े कौन से राजनीतिक आंकड़े, पुलिस और अन्य अधिकारी अब कभी भी ज्ञात नहीं होंगे।”

मैं शिवराज जी से विकास दुबे की गिरफ़्तारी या सरेंडर की न्यायिक जॉंच की मॉंग करता हूँ। इस कुख्यात गेंगस्टर के किस किस नेता व पुलिसकर्मियों से सम्पर्क हैं जॉंच होना चाहिए। विकास दुबे को न्यायिक हिरासत में रखते हुए इसकी पुख़्ता सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए ताकि सारे राज़ सामने आ सकें

— digvijaya singh (@digvijaya_28) July 9, 2020

‘प्राउड ऑफ यूपी पुलिस’: कानपुर के बिकारू गाँव में एक मुठभेड़ में अपनी जान गंवाने वाले कांस्टेबल जितेन्द्र पाल सिंह के पिता ने कहा कि उन्हें “अपनी आत्मा को शान्त करने” के लिए यूपी पुलिस पर गर्व है।

I am very proud of UP Police. Whatever they have done today has brought solace to my soul. I thank the administration & Yogi govt: Tirath Pal, father of constable Jitendra Pal Singh who lost his life in an encounter at Bikru village in Kanpur on July 3#vikasDubeyEncounter https://t.co/fRaeVgBM36 pic.twitter.com/1KrSj2bmGY

— ANI UP (@ANINewsUP) July 10, 2020

जिस स्कॉर्पियो में गैंगस्टर विकास दुबे सवार था, वह पलट गया था। यही है, पहले विकास करने वाले 4 वाहनों में से एक कम हो गया था। लेकिन अचानक खबर आती है कि विकास ने स्कॉर्पियो को पलट कर भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में मारा गया।
यह क्या कहता है? यह एक सुनियोजित हत्या है। एक बंदी की हत्या। कानून न्याय अदालत द्वारा किया जाना चाहिए था। वह पुलिस सुरक्षा में था। लेकिन बदले की आग में सो रहे वर्दी के अंदर मौजूद गार्ड अचानक गुंडे बन गए। यह यूपी की पुलिस है।
विफलता। मासूमों को घर से निकालना। जो बदमाश भाग जाते हैं। जो समर्पण का ढोंग करता है। किसे नहीं पता था कि यूपी पहुंचते ही विकास की हत्या हो जाएगी। वाहन कैसे पलट गया? क्या विकास दुबे को हथकड़ी लगी थी? यदि वह निहत्था था, तो उसे क्यों नहीं पकड़ा गया?
ये सभी सवाल उसी प्रणाली से संबंधित हैं, जिसने विकास दुबे को गैंगस्टर बना दिया। वह जांच करेगी। क्या आपको जवाब की उम्मीद है? बिल्कुल नहीं। विकास के पास एक ही प्रणाली के कई रहस्य थे, जो काली चाल के थे। अगर उसने मुंह खोला, तो सिस्टम हिलने लगेगा। गिर गया होगा।
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